अनंत तस्‍वीरें दृश्‍यावलियां ख़बर ब्‍लॉग्‍स

मैंने भी मेंबरशिप ले ली इस क्लब की

बेटियों का ब्लॉग पहली बार कल देखा था। लगा, भइया इस क्लब की मेंबरशिप तो फटाफट ले लेनी चाहिए। देखा नेट डाउन हो गया। आज भाई अविनाश की मदद से मैंने भी मेंबरशीप ले ली। बड़ा अच्छा लग रहा है।

7 comments:

अविनाश said...

बंधु आप तो जहां तहां मेंबर बनते ही रहते हैं। बेटी की बात करें तो कुछ बात भी बने।

Jitendra kumar said...

१ सामंती परिवार से होने के नाते बचपन से ही लडकियों को देखकर लार टपकाने की आदत थी.. पर १ बार १ बस के पीछे जो लिखा पढा, उसने मुझे बहुत हद तक प्रभावित किया था.. "मत छेड किसी लडकी को पाप होगा, तु भी १ दिन किसी लडकी का बाप होगा.." आज बेटियों का ब्लोग पढकर वैसा ही लग रहा है.. बेटियां तो अछ्छी होती ही हैं शायद इसलिये की वो भी शोषित होती हैं. और १ शोषित दुसरे शोषित का अछ्छा दोस्त साबित होता है. मेरी कोइ बेटी तो नही पर चाह्ता हुं कि कभी ढेर सारी बेटियों का बाप बनुं.. और ये फ़्रायड से प्रभावित इछ्छा नही है. अगर मै भी बेटिय़ों के इस संसार से जुड सकुं तो बहुत खुशी होगी.. ऐसा लगेगा कि कई बेटियो का बाप बन गया..

Kakesh said...

क्या मैं भी इसका सदस्य बन सकता हूँ. अभी बेटी तो नहीं है हाँ भांजी है जो बेटी की तरह ही है.

masijeevi said...

ये एक खूबसूरत पहल है। बिटिया का बाप होना वाकई एक शानदार अनुभव है।

और ये क्‍या राकेश अपने खुद के ही लेबल में 'जी' काहे ठूंस दिया...राकेश ही रहने दो यार। राकेशजी जबान पर चढ़ता नहीं।

Gulshan khatter said...

आदरयोग भाई लोगो मे दो प्यारी सी बेटियो का बाप
हू,क्या मे सदस्य बन सकता हु
धन्यवाद

राकेश said...

जी मित्रों
इस क्लब की मेंमबरशीप की पात्रता रखने वालों को ज़रूर शामिल किया जा सकता है. आप सीधे अविनाशजी को avinashonly@gmail.com पर लिखें.

भाई मसिजीवीजी, मैंने जब मेंबरशीप मिलने के बाद वाला पोस्ट लिखा था तो लेवल वाला बक्सा खाली ही छूट गया था हड़बड़ी में. पर अब अविनाशजी ने उसको राकेशजी कह ही दिया तो इस पर क्या कहना. वैसे आपको बता दूं कि मेरा ई मेल आडी है rakeshjee@gmail.com यानी मैंने ख़ुद ही जी लगा डाला अपने नाम में. कोई कहे या न, मैंने कह ही दिया जी:).

डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर said...

maine aaj rakeshjii kii tippanii men e-mail dekhaa, is blog ke liye main bhii apnaa anurodh bhej rahaa hoon. main bhii ek pyarii sii chhotii bitiya ka pitaa hoon. betiyon ko bachane ke liye vigat 10-12 varshon se sangharsh kar rahaa hoon.