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नन्हीं-सी कली मेरी लाड़ली

भाई, अविनाश ने एक प्रश्न पूछा था और उसके जवाब में मैंने सिर्फ़ 'हाँ' कहा था। यह उनका मुझ पर उपकार, भरोसा और अतिबड़प्पन ही कहा जायेगा.

कई दिनों तक सोचता रहा कि क्या लिखूं बेटियों के ब्लॉग में। कहीं और तो लबार-पछार लिखा जा सकता है लेकिन बेटियों के ब्लॉग में? न रे न!

रहीमदास का एक दोहा है-

'रहिमन अंसुआ नयन ढरि, जिय दुःख प्रकट करेय,
जाहि निकारो गेह ते कस न भेद कहि देय'।

'बेटियों के ब्लॉग' ने आँख से आंसुओं को कई बार निकलवाया है।

बहुत हिचकिचाहट के बाद यह पोस्ट इसलिए है कि ब्लॉग का सदस्य बनने के बाद अपनी तरफ से लंबे समय तक इसे सूना क्यों रखूँ।

कल दोपहर फोन पर बेटी उदिता से मेरी लम्बी बात हुई। मैं बेटी से फोन करते हुए भी डरता हूँ। डरता बेटी से नहीं, इस बात से हूँ कि कहीं उसके मामा लोग उसके ख़िलाफ़ न हो जायें। वैसे वे लोग उससे मोहब्बत करते हैं और मुझसे नफ़रत. उनके मन में थोड़ी ग़लतफहमियां हैं और कुछ घमंड।

बड़ी बात ये है कि बेटी भी यह बात समझती है. इसलिए किसी की पदचाप सुनते ही वह फोन रख देती है. भले ही उसके नाना की बिल्ली ही पीछे से क्यों न उससे मोहब्बत करने आयी हो.

मैं भाई निलय उपाध्याय का ऋणी हूँ। उन्होंने मुझे यह नाम तब सुझाया था जब मेरी बेटी बमुश्किल 9 दिनों की थी. मैंने ज्ञानरंजन जी से कोई बढिया नाम सुझाने को कहा था तो उन्होंने बिल्कुल सही ही कहा था- 'विजय जल्द ही अपनी या सुमन की पसंद का नाम रख लो वरना तरह-तरह के नाम चलने लगते हैं.' उसी दौरान भाई निलय एक काव्य-पाठ के सिलसिले में मुम्बई आए थे और ज़िक्र छिड़ने पर कहने लगे कि शमशेर के एक काव्य-संग्रह का नाम है 'उदिता'. उन्होंने कहा कि वह नाम मैं रख लूँ वरना जब उनके कोई बेटी होगी तो वह रखेंगे. मैंने तुरंत वह नाम झटक लिया था.

मेरी वह कविता 'बेटी हमारी' अविनाश ने चढ़ाई थी उसे पढ़ कर घुघुती बासूती जी के रोएँ खड़े हो गए थे.
अब समाजशास्त्री पता लगाएं कि ऐसा क्यों है?

इसी २३ मई को उद्दी का जन्मदिन है। मैं तो जा ही रहा हूँ. जो लोग उसे बधाई देना चाहें; कृपया इस पते पर दें-

कुमारी उदिता चतुर्वेदी, द्वारा/ श्री रघुवंश प्रसाद मिश्रा (पूर्व हेड मास्टर), ग्राम-बरहना (डडिया टोला), वाया-कोठी, जिला-सतना (मध्य प्रदेश).

9 comments:

Lavanyam - Antarman said...

विजय जी,

उदिता बिटिया को ,
साल गिरह पर
शुभकामना और आशिष..
- लावण्या

Rajesh Roshan said...

उदिता को जन्मदिन दिन की अग्रिम बधाईयां. पता नही मैं इस ब्लॉग से इतनी मोहब्बत क्यों करता हू.

Sanjeet Tripathi said...

उदिता के जन्मदिन पर हमारी भी शुभकामनाएं पहुंचे!

दिनेशराय द्विवेदी said...

उदिता को हमारी जन्मदिन पर शुभकामनाएँ और ढे़र से आशीष। वह अपने पिता-माँ, देश का नाम रोशन करे और जगत में मिसाल बन कर दिखाए।
बधाई आप को भी, बिटिया के जन्मदिन पर।

Mired Mirage said...

उदिता को हमारी ओर से भी जन्मदिन की शुभकामनाएँ।
घुघूती बासूती

DR.ANURAG ARYA said...

ढेर सारा आशीर्वाद ओर स्नेह.......

Ghost Buster said...

बिटिया को जन्म दिन की शुभकामनाएं.

इस पोस्ट के बाद आपकी 'बेटी हमारी' एक बार फिर पढी, वाकई आँख नम कर देने वाली चीज है. ईश्वर करे कि बिटिया का ये जन्मदिन आप सभी के लिए अनंत खुशियों का द्वार हमेशा के लिए खोल दे.

विजयशंकर चतुर्वेदी said...

सबको अनेक अनेक धन्यवाद!

Beji said...

beti ke janamdin par badhai aur shubkaamnaayein (maaf karna roman me likh rahi hun)