अनंत तस्‍वीरें दृश्‍यावलियां ख़बर ब्‍लॉग्‍स

राग तिन्‍नी

आज कुछ कहने के लिए नहीं है।
बस सुनना है।
तिन्‍नी को।
तिन्‍नी गा रही है।
राग दुरुस्‍त है।
सुनिए ज़रा...


2 comments:

Pramod Singh said...

पेज़ कहां भरा.. अलबत्‍ता मन भरभरा रहा है? राग तिन्‍नी तिमारपुर से त्रावनकोर और ताइपेइ की ओर भी निकलेगा? ओह, तिन्‍नी. तिन्‍नी, तिन्‍नी. तिन-धिनाक्..

मनीषा पांडेय said...

तिन्‍नी के सुर में भी वही आत्‍मविश्‍वास है, जो फोन पर बात करते हुए था और सोते हुए भी उसकी चेहरे पर था। बिटिया को मेरा ढेर सारा प्‍यार...